समाज के कलाकारों की प्रतिभा को मिलेगा नया मंच, केंद्रीय सूर्यवंशी समाज जांजगीर – चांपा, कोरबा, शक्ति, रायगढ़ परिक्षेत्र ने शुरू किया ऐतिहासिक महा सर्वे अभियान
केंद्रीय सूर्यवंशी समाज द्वारा समाज के कलाकारों की पहचान, सम्मान और उनके संरक्षण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल की गई है।
समाज के सांस्कृतिक सचिव श्री सावन गुजराल के नेतृत्व में पूरे समाज के कलाकारों का महा सर्वे अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत समाज के उन सभी कलाकारों का विवरण संकलित किया जाएगा, जिन्होंने किसी भी समय कला, संस्कृति, लोक परंपरा, गायन, वादन, नृत्य, अभिनय, चित्रकला अथवा अन्य कलात्मक क्षेत्रों में योगदान दिया है।
विशेष बात यह है कि इस सर्वे में केवल वर्तमान में सक्रिय कलाकार ही नहीं, बल्कि वे कलाकार भी शामिल किए जाएंगे जो किसी कारणवश वर्तमान में अपनी कला का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। बच्चों, महिलाओं, युवाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों के कलाकारों को इस सर्वे में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सर्वे फॉर्म समाज के सभी जोन उपाध्यक्षों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। सांस्कृतिक सचिव द्वारा सभी जोन उपाध्यक्षों से अनुरोध किया गया है कि वे इन फॉर्मों को शीघ्रता से ग्राम प्रतिनिधियों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक कलाकारों का पंजीयन सुनिश्चित किया जा सके। जिन ग्राम प्रतिनिधियों तक किसी कारणवश फॉर्म नहीं पहुंच पाता है, वे संबंधित जोन उपाध्यक्ष से संपर्क कर फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।
समाज के कलाकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्वे फॉर्म का पीडीएफ प्रारूप भी समाज के विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में साझा किया गया है। इच्छुक कलाकार या उनके परिजन पीडीएफ डाउनलोड कर फॉर्म भर सकते हैं तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा कर सकते हैं।
सांस्कृतिक विभाग द्वारा सभी ग्राम प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया है कि वे भरे हुए सर्वे फॉर्म 21 जून तक अनिवार्य रूप से जमा कर दें। इसके अतिरिक्त ग्राम सुकली में आयोजित होने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह के दौरान भी संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित होकर सर्वे फॉर्म जमा कर सकते हैं।
इस अभियान में केंद्रीय सूर्यवंशी समाज की महिला सांस्कृतिक सचिव सुश्री सूजी प्रधान भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इस पहल को समाज की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए पूर्ण सहयोग और समर्थन प्रदान किया है।

इस अवसर पर केंद्रीय सूर्यवंशी समाज के सांस्कृतिक सचिव श्री सावन गुजराल ने कहा कि समाज में अनेक ऐसे प्रतिभाशाली कलाकार हैं जिन्होंने वर्षों तक अपनी कला के माध्यम से समाज और संस्कृति की सेवा की है, लेकिन समय के साथ उनकी पहचान सीमित होती चली गई। उन्होंने कहा कि यह महा सर्वे केवल आंकड़े एकत्रित करने का कार्य नहीं है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य समाज के प्रत्येक कलाकार तक पहुंचना है, चाहे वह किसी भी आयु वर्ग का हो। हम चाहते हैं कि समाज की हर प्रतिभा की पहचान हो, उसका सम्मान हो और भविष्य में उसे आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों। सभी जोन पदाधिकारी, ग्राम प्रतिनिधि और समाजजन इस अभियान को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।”
महिला सांस्कृतिक सचिव सुश्री सूजी प्रधान ने कहा कि कला किसी भी समाज की आत्मा होती है और कलाकार उसकी पहचान होते हैं। उन्होंने बताया कि समाज में अनेक महिलाएं, बालिकाएं तथा वरिष्ठ कलाकार ऐसे हैं जिनकी प्रतिभा व्यापक स्तर पर सामने नहीं आ पाई है। यह सर्वे अभियान उन प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा, “हम समाज के प्रत्येक कलाकार को सम्मान और अवसर दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सर्वे भविष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण शिविरों, सम्मान समारोहों और प्रतिभा विकास योजनाओं के लिए आधार तैयार करेगा। मैं सभी समाजजनों से आग्रह करती हूं कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अधिक से अधिक कलाकारों का पंजीयन सुनिश्चित करें।”
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान आने वाले समय में सूर्यवंशी समाज की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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